Created: Wednesday, 20 June 2018 16:44 | Rate this article
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| Category: Interviews

Communisto Ne Paida Kiye Hain Critics, Prabhat Khabar, 20 June 2018.

 

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जा स्पष्ट में _ षश्चिघो मार्क्सयांश्या न षारिस्थिक्रो क्रो मार्क्सवादी आलोचना ऊनी भी थिक्रक्षित्त नहीं क्रो उर्द्धनि कहा कि पूजी न्यास राज पा ध्यम देती है वह यही है क्तिकिंप्ती भी ताह स्रचयाँक्रया जाय इसीलिए वस्ती का अथिक्राश हिस्सा क्या आस्था पुरिपशुप्राके जाया रान के लिहाज स क्षमुव्रदृक्त भोव्रयो नहीडो जाय, यह नुप्तक्रैप्तिए क्रोईमायनेनहींरखत्ताड़े क्षिदृच्चा पृच्चीन्नाद के खाले क्रे हस्ता स्ने के ब्लागृ प्रकृत्ति क्या बदला लन के क्राश्या यह अपरिहार्य रा गयात्रैष , कषारिस्थित्तिक्रोक्रै स्रक्रटसेत्तड़रदृ लोग अपनेपर्थाग्राण  के साथ येटाबक्लिज्म पा सवेन और सक्रिय नियत्रण हासिल कं चौथ प्रान क्रे अग्य मुख्य क्लओ म्न प्याज प्लेखानोंत्र स्मारक व्याख्यान रत्न चाली मैक्सिकं ' र्प्रफिप्ता प्ताल्जिरा क्रांर्चारो थी जिनके व्याख्यान का , हफ्लोयो न मार्क्स क्रो केसे श्या दृ' पृदुक्तिणाड्डफ्लादृ दृलुग्रातृव्र बूक्ले गय आत्तखा के प्रस्तात्ता षाआस्ना रौदृग्ला, द्देडेस्सातृरो, मांस्यमफ्लोनो, कुमारी सृर्नस्ता चं। आर आनेत्साद्रा येज्जाद्रो थ

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